आईसीयू में भर्ती हैं रामविलास पासवान, चिराग ने लोजपा नेताओं को लिखी मार्मिक चिट्ठी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

Updated Mon, 21 Sep 2020 10:25 AM IST

रामविलास पासवान- चिराग पासवान (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

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लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है। वे दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल के आइसीयू में भर्ती हैं। ऐसे में उन्हें छोड़कर बिहार आना बेटे चिराग पासवान के लिए संभव नहीं है। इसी कारण उन्होंने अपनी मजबूरियां बताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को एक मार्मिक चिट्ठी लिखी है। बता दें कि बिहार में अक्तूबर-नवंबर के महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं।

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम लिखी चिट्ठी में चिराग ने पिता रामविलास के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की है जो पिछले तीन हफ्तों से दिल्ली के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। इस कारण चिराग ने बिहार न आने की अपनी मजबूरी बताई है। उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर कहा कि उनकी किसी से बात नहीं हुई है।

तीन हफ्ते से अस्पताल में भर्ती हैं केंद्रीय मंत्री पासवान

चिराग पासवान ने अपनी चिट्ठी मे लिखा है कि कोरोना संक्रमण काल में लोगों को राशन की परेशानी न हो, इसके लिए उनके पिता अपना रूटीन हेल्थ चेकअप लगातार टालते रहे। इस कारण वे अस्वस्थ हो गए। बीते तीन हफ्ते से वे अस्पताल में हैं।

यह भी पढ़ें- बिहार चुनाव: एक हफ्ते में सीटों के तालमेल की घोषणा कर सकता है एनडीए, भाजपा-जदयू में बनी बात

पिता को छोड़कर आना संभव नहीं 

पत्र में चिराग ने लिखा है कि एक बेटे के तौर पर पिता को अस्पताल में देखकर बेहद विचलित हो जाता हूं। पापा ने कई बार मुझे पटना जाने का सुझाव दिया लेकिन बेटा होने के नाते पापा को आईसीयू में छोड़कर मेरे लिए कहीं भी जाना संभव नहीं है। आज जब उन्हें मेरी जरूरत है तो मुझे उनके साथ रहना चाहिए नहीं तो आप सभी का राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने आपको कभी माफ नहीं कर पाएगा।

पार्टी के साथियों की चिंता

चिराग ने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष होने के नाते उन्हें उन साथियों की भी चिंता है जिन्होंने ‘बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट’ के लिए जीवन समर्पित कर दिया है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि अब तक गठबंधन के साथियों से न ही बिहार के भविष्य को लेकर और न ही सीटों के तालमेल को लेकर कोई चर्चा हुई है।

 



 

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है। वे दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल के आइसीयू में भर्ती हैं। ऐसे में उन्हें छोड़कर बिहार आना बेटे चिराग पासवान के लिए संभव नहीं है। इसी कारण उन्होंने अपनी मजबूरियां बताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को एक मार्मिक चिट्ठी लिखी है। बता दें कि बिहार में अक्तूबर-नवंबर के महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं।

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम लिखी चिट्ठी में चिराग ने पिता रामविलास के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की है जो पिछले तीन हफ्तों से दिल्ली के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। इस कारण चिराग ने बिहार न आने की अपनी मजबूरी बताई है। उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर कहा कि उनकी किसी से बात नहीं हुई है।

तीन हफ्ते से अस्पताल में भर्ती हैं केंद्रीय मंत्री पासवान
चिराग पासवान ने अपनी चिट्ठी मे लिखा है कि कोरोना संक्रमण काल में लोगों को राशन की परेशानी न हो, इसके लिए उनके पिता अपना रूटीन हेल्थ चेकअप लगातार टालते रहे। इस कारण वे अस्वस्थ हो गए। बीते तीन हफ्ते से वे अस्पताल में हैं।

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पिता को छोड़कर आना संभव नहीं 

पत्र में चिराग ने लिखा है कि एक बेटे के तौर पर पिता को अस्पताल में देखकर बेहद विचलित हो जाता हूं। पापा ने कई बार मुझे पटना जाने का सुझाव दिया लेकिन बेटा होने के नाते पापा को आईसीयू में छोड़कर मेरे लिए कहीं भी जाना संभव नहीं है। आज जब उन्हें मेरी जरूरत है तो मुझे उनके साथ रहना चाहिए नहीं तो आप सभी का राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने आपको कभी माफ नहीं कर पाएगा।

पार्टी के साथियों की चिंता

चिराग ने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष होने के नाते उन्हें उन साथियों की भी चिंता है जिन्होंने ‘बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट’ के लिए जीवन समर्पित कर दिया है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि अब तक गठबंधन के साथियों से न ही बिहार के भविष्य को लेकर और न ही सीटों के तालमेल को लेकर कोई चर्चा हुई है।

 

 





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