आस्था या अंधविश्वास: कोरोना से बचने के लिए गोवा के मंदिरों में महामृत्युंजय मंत्र का पाठ


गोवा में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए राज्य के कुछ हिस्सों में लोग चिकित्सकों के साथ-साथ भगवान का भी सहारा ले रहे हैं। कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए महामृत्युंजय जाप से लेकर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। मालूम हो कि गोवा में कोरोना संक्रमण के मामले 5,900 से ऊपर पहुंच गए हैं, जबकि संक्रमण से मरने वालों की संख्या 45 है।

राज्य की सबसे पुरानी क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) ने कहा है कि उसने इस वैश्विक महामारी के खिलाफ पूरे गोवा के मंदिरों में महामृत्युंजय मंत्र पाठ का आयोजन किया है। एमजीपी नेता और पार्टी विधायक सुदीन धावलिकर का कहना है कि राज्य के प्रत्येक मंदिर में इस मंत्र का एक लाख बार उच्चारण किया जाएगा।

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उन्होंने शुक्रवार (31 जुलाई) को उत्तर गोवा में पोंडा तालुका के धावली गांव के वामनेश्वर मंदिर से यह मंत्र जाप शुरू किया। राज्य के पूर्व मंत्री ने कहा कि ऋग्वेद के एक भाग, महामृत्युंजय मंत्र में हमारे आस-पास की सभी नकारात्मक ऊर्जाओं को हटाने की शक्ति है। कोविड-19 ऐसी ही नकारात्मक ऊर्जा है, जिसने इंसान को प्रभावित किया है।

दक्षिण गोवा जिले में सांगुएम तालुका के नेत्रावली गांव के निवासी स्थानीय भगवान बेताल सतेरी के मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर के प्रमुख पुजारी कुश्ता वेलिप ने कहा, “हमारा मानना है कि कोविड-19 से छुटकारा पाने के लिए ईश्वरीय करिश्मे की जरूरत है।”





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