उद्धव ठाकरे-महाराष्ट्र पर भड़के सुधीर चौधरी-अर्नब गोस्वामी; कहा- ये बहुत भारी पड़ेगा


एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के ऑफिस पर बुल्डोजर चलाने का मामला सियासी रंग ले चुका है। एक तरफ बीजेपी (BJP) तो इस मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) पर हमलावर है ही, दूसरी तरफ सरकार के सहयोगी एनसीपी और कांग्रेस भी इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। उधर मीडिया में भी यह मामला सुर्खियों में है।

वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने रिपब्लिक टीवी पर अपने कार्यक्रम ‘पूछता है भारत’ में महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘असत्य का बुल्डोजर सच्चाई का किला नहीं ढहा सकता है उद्धव ठाकरे जी सुन लीजिए। महाराष्ट्र सरकार ने जो किया वह सिर्फ कंगना रनौत के घर पर हमला नहीं था, बल्कि ये सुशांत सिंह राजपूत के लिए इंसाफ मांगने वाले लोगों पर हमला था’।

अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) ने कहा कि ‘महाराष्ट्र सरकार ने कंगना रनौत के घर पर जो तोड़फोड़ की वह बीएमसी की कार्रवाई नहीं थी बल्कि बदले की कार्रवाई थी। बड़ा घमंड था कौरवों को अपनी सेना पर लेकिन अकेले भगवान श्री कृष्ण ने सब का घमंड तोड़ दिया। सुशांत के लिए सत्य की मांग को आप बीएमसी और बुल्डोजर से नहीं तोड़ पाएंगे उद्धव ठाकरे जी।’

गोस्वामी ने कहा, ‘एक वीरांगना से बदला लेने के लिए महाराष्ट्र की सरकार इस हद तक गिर गई। सोनिया गांधी, शरद पवार, उद्धव ठाकरे और मूवी माफिया सब एक हो गए और कंगना पर अटैक किया इन्होंने। उद्धव ठाकरे सुन लो अब तुम सिर्फ चंद हफ्तों के लिए सत्ता में रहने वाले हो। अपनी भड़ास निकाल लो लेकिन लोगों की भड़ास से डरो।’

उधर, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी (Sudhir Chaudhary) ने भी जी न्यूज़ पर अपने कार्यक्रम डीएनए (DNA) में महाराष्ट्र सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘कंगना रनौत ने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस पर सुशांत के दोषियों को बचाने का आरोप लगाया था। इसके बाद पहले तो शिवसैनिकों ने उनके खिलाफ बयानबाजी शुरू की, उनके खिलाफ अपशब्द इस्तेमाल किए और अब बीएमसी ने कंगना रनौत के ऑफिस का एक हिस्सा गिरा दिया।’

चौधरी ने कहा कि ‘आप बीएमसी की फुर्ती देखिए कि एक दिन पहले नोटिस भेजा और अगले दिन बुल्डोजर चला दिया। आज हम भी जरूर कहना चाहेंगे कि महाराष्ट्र की सरकार के लिए, शिवसेना की सरकार के लिए कंगना रनौत के दफ्तर का ये मलबा बहुत भारी पड़ेगा। जैसी प्रतिक्रिया आ रही है उसे देखकर हम कह सकते हैं कि उद्धव ठाकरे को राजनीतिक तौर पर यह मलबा बहुत भारी पड़ने वाला है। हमारे देश में राजनीति का स्तर चाहे जो भी हो लेकिन जनता इस तरह के राजनीतिक बदले को कतई बर्दाश्त नहीं करती है।’

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