कूचबिहार: हिंसक झड़प में 4 लोगों की मौत, पहली बार वोट डालने आए युवक को भी मारी गोली


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कूचबिहार
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Sat, 10 Apr 2021 10:13 AM IST

सार

बंगाल के पांच जिलों में 44 सीटों पर आज चौथे चरण की वोटिंग जारी
 

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में एक वोटर की कथित फायरिंग में मौत
– फोटो : ANI

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पश्चिम बंगाल में शनिवार को विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के साथ ही हिंसा किए जाने की बात भी सामने आने लगी है। जानकारी के अनुसार कूचबिहार के सितलकुची में स्थानीय लोगों द्वारा हमला किए जाने के बाद सीआईएसएफ ने कथित तौर पर गोलियां चलाई जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। ऐसा आरोप है कि स्थानीय लोगों ने सीआईएसएफ जवानों की राइफलें छीनने की कोशिश की। इस बीच वोट देने के लिए बूथ पर कतार में खड़े एक वोटर की कथित फायरिंग में मौत हो गई। मृतक की पहचान 18 वर्ष के आनंद बर्मन के रूप में की गई है। उसके परिजनों ने हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है। उनका कहना है कि आनंद भाजपा का समर्थक था, इसलिए उसे गोली मारी गई। 

भाजपा ने युवक की मौत का जिम्मेदार टीएमसी को ठहराया। भाजपा दावा कर रही है कि मृतक मतदान केंद्र पर पोलिंग एजेंट था। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का कहना है कि युवक को सीआरपीएफ ने भाजपा के इशारे पर मारा। टीएमसी प्रमुख ने कहा, ‘सीआरपीएफ ने कतार में खड़े मतदाताओं को मार दिया, उन्हें इतना दुस्साहस कहां से मिलता है? भाजपा जानती है कि वह हार गई है इसलिए वह मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को मार रही है।’
इस पूरे मामले पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कूचबिहार के सितलकुची इलाके में चुनाव के दौरान हिंसक झड़प के दौरान फायरिंग हो गई। फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें से एक आनंद बर्मन भी था। इसके अलावा चार लोग जख्मी भी हुए हैं। उन्होंने आगे बताया कि आनंद बर्मन को सितलकुची के पठानतुली इलाके में बूथ नंबर 85 के बाहर घसीटकर लाया गया और गोली मार दी गई। घटना के वक्त मतदान चल रहा था। इस घटना के बाद तृणमूल और भाजपा समर्थकों में झड़प शुरू हो गई और मतदान केंद्र के बाहर बम फेंके जाने के कारण कई लोग घायल हो गए। ऐसे में केंद्रीय बलों को स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। 

यह पूछे जाने पर कि क्या सीआईएसएफ जवानों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है, इस पर अधिकारी ने कहा, ‘इसका फैसला निर्वाचन आयोग करेगा। हमारी रिपोर्ट के अनुसार सीआईएसएफ ने आत्म रक्षा में गोलियां चलाई।’

गौरतलब है कि बंगाल में चौथे चरण की वोटिंग के दौरान कूचबिहार के अलावा कई जगहों से हिंसा की खबरे सामने आईं हैं। कहीं पर भाजपा कार्यकर्ता मारपीट का शिकार हुए हैं तो कहीं पर टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए हैं। लोगों के घरों तक पर हमले हो रहे हैं। बीच चुनाव में हथियार व बम तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन वारदातों को लेकर भाजपा और टीएमसी एक दूसरे पर आरोप लगाने से पीछे नहीं हट रहे हैं।

विस्तार

पश्चिम बंगाल में शनिवार को विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के साथ ही हिंसा किए जाने की बात भी सामने आने लगी है। जानकारी के अनुसार कूचबिहार के सितलकुची में स्थानीय लोगों द्वारा हमला किए जाने के बाद सीआईएसएफ ने कथित तौर पर गोलियां चलाई जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। ऐसा आरोप है कि स्थानीय लोगों ने सीआईएसएफ जवानों की राइफलें छीनने की कोशिश की। इस बीच वोट देने के लिए बूथ पर कतार में खड़े एक वोटर की कथित फायरिंग में मौत हो गई। मृतक की पहचान 18 वर्ष के आनंद बर्मन के रूप में की गई है। उसके परिजनों ने हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है। उनका कहना है कि आनंद भाजपा का समर्थक था, इसलिए उसे गोली मारी गई। 

भाजपा ने युवक की मौत का जिम्मेदार टीएमसी को ठहराया। भाजपा दावा कर रही है कि मृतक मतदान केंद्र पर पोलिंग एजेंट था। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का कहना है कि युवक को सीआरपीएफ ने भाजपा के इशारे पर मारा। टीएमसी प्रमुख ने कहा, ‘सीआरपीएफ ने कतार में खड़े मतदाताओं को मार दिया, उन्हें इतना दुस्साहस कहां से मिलता है? भाजपा जानती है कि वह हार गई है इसलिए वह मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को मार रही है।’

इस पूरे मामले पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कूचबिहार के सितलकुची इलाके में चुनाव के दौरान हिंसक झड़प के दौरान फायरिंग हो गई। फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें से एक आनंद बर्मन भी था। इसके अलावा चार लोग जख्मी भी हुए हैं। उन्होंने आगे बताया कि आनंद बर्मन को सितलकुची के पठानतुली इलाके में बूथ नंबर 85 के बाहर घसीटकर लाया गया और गोली मार दी गई। घटना के वक्त मतदान चल रहा था। इस घटना के बाद तृणमूल और भाजपा समर्थकों में झड़प शुरू हो गई और मतदान केंद्र के बाहर बम फेंके जाने के कारण कई लोग घायल हो गए। ऐसे में केंद्रीय बलों को स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। 

यह पूछे जाने पर कि क्या सीआईएसएफ जवानों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है, इस पर अधिकारी ने कहा, ‘इसका फैसला निर्वाचन आयोग करेगा। हमारी रिपोर्ट के अनुसार सीआईएसएफ ने आत्म रक्षा में गोलियां चलाई।’

गौरतलब है कि बंगाल में चौथे चरण की वोटिंग के दौरान कूचबिहार के अलावा कई जगहों से हिंसा की खबरे सामने आईं हैं। कहीं पर भाजपा कार्यकर्ता मारपीट का शिकार हुए हैं तो कहीं पर टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए हैं। लोगों के घरों तक पर हमले हो रहे हैं। बीच चुनाव में हथियार व बम तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन वारदातों को लेकर भाजपा और टीएमसी एक दूसरे पर आरोप लगाने से पीछे नहीं हट रहे हैं।





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