जानिए उस चाइनीज कंपनी के बारे में जो प्रधानमंत्री से लेकर सरपंच तक की करती है जासूसी


पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर


कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

यदि यह खबर आपको पढ़ने के लिए मिल रही है कि चीन आपकी जासूसी कर रहा है तो आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जासूसी और चीन का चोली दामन का साथ है। चीन की कोशिश हमेशा यह जानने की रहती है कि पड़ोसी के आंगन में क्या पक रहा है। चीन की हालत गांव के उस शख्स की तरह है जो जिसका घर गांव की शुरुआत में होता है और गांव में आने-जाने वाले हर शख्स पर उसकी नजर रहती है। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि जो शख्स पूरे गांव पर नजर रखता है उसे पसंद गांव का शायद ही कोई शख्स करता है। चीन की हालत भी आज वही हो गई है। अमेरिका से लेकर भारत तक आज चीन से दूरी बना रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण चीन का रवैया है। 

अब हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसके बाद पूरी दुनिया में तहलका मचा है। खबर है कि चीनी सरकार के पास दुनिया के लाखों लोगों का निजी डाटा है और यह काम एक एजेंसी कर रही है जिसका नाम जेन्हुआ डाटा इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को. लिमिटेड (Zhenhua Data Information Technology Co. Limited) है। जेन्हुआ पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सोनिया गांधी, कई बड़े अधिकारियों के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, जज और कई जाने माने उद्योगपति की जासूसी करने का आरोप है। इस कंपनी के पास करीब 10 हजार भारतीयों का निजी डाटा है। दावा है कि जेन्हुआ के तार चीन की सरकार से जुड़े हैं। 

चीन लोगों के निजी डाटा को लेकर कितना भूखा है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस कंपनी ने प्रधानमंत्री से लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच तक की जासूसी की है। जेन्हुआ डाटा इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने भारत के साथ अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के करीब एक लाख लोगों का डाटा एक्सेस किया है जिसमें बड़े सरकारी अधिकारियों के भी डाटा शामिल हैं। इस कंपनी ने 52,000 अमेरिकी, 35,000 ऑस्ट्रेलियाई और ब्रिटेन के करीब 10,000 लोगों का डाटा एक्सेस किया है। जेन्हुआ पर दुनियाभर के कुल 24 लाख लोगों की जासूसी करने का आरोप है। 

जेन्हुआ डाटा इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की तैयारी कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि कंपनी के पास आपकी जन्मतिथि से लेकर आपके रिश्तेदारों तक की जानकारी मौजूद है, हालांकि कंपनी ने अधिकतर सूचनाएं ओपन सोर्स से लिया है जिनमें सोशल मीडिया आईडी शामिल हैं। कंपनी जिन लोगों की जासूसी कर रही थी उनके बारे में कंपनी के पास जन्मतिथि, पते, वैवाहिक स्थिति, फोटो, राजनीतिक जुड़ाव, रिश्तेदार और सोशल मीडिया आईडी जैसी जानकारियां हैं। कंपनी ने डाटा इकट्ठा करने के लिए प्राथमिक तौर पर लोगों के ट्विटर, फेसबुक, लिंकडिन, इंस्टाग्राम और टिकटॉक अकाउंट की मदद ली है। इस कंपनी को यह भी पता है कि आपके बारे में किस दिन और किस अखबार में आपके बारे में खबर छपी है। कंपनी के पास मौजूद डाटा में आपराधिक रिकॉर्ड और कॉरपोरेट अपराध भी शामिल हैं।

चीन की यह डाटा माइनिंग कंपनी राष्ट्रपति से लेकर गांव के सरपंच पर भी नजर रख रही थी। इसके निशाने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी और उनका पूरा परिवार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमण, स्मृति इरानी, पीयूष गोयल तक थे।

इसके अलावा कंपनी सीडीएस बिपिन रावत, सेना, नौसेना और वायुसेना के करीब 15 पूर्व प्रमुखों, भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे (CJI SA Bobde), जस्टिस एएम खानविलकर, लोकपाल जस्टिस पी सी घोष, कैग जीसी मुर्मू, भारत पे के फाउंडर निपुन मेहरा, AuthBridge के अजय त्रेहन से लेकर रतन टाटा और गौतम अडानी जैसे उद्योगपति तक पर नजर रख रही थी।

इस कंपनी की स्थापना 2018 में हुई है। चीन की इस कंपनी के चीन ऑफिस में करीब 50 लोग काम करते हैं। इसके कुल 20 डाटा प्रोसेसिंग सेंटर है। यह कंपनी रोज करीब 150 मिलियन डाटा हैंडल करती है। इसके अलावा इसकी नजर दुनिया के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर है। इस कंपनी में वांग जूफेग (Wang Xuefeng) की 86 फीसदी हिस्सेदारी है। वांग जूफेंग की पहचान आईबीएम के पूर्व इंजीनियर के रूप में भी है। जूफेंग को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा माइनिंग में महारथ हासिल है और 10 साल से अधिक का अनुभव है। जूफेंग ने करीब 12 टेक में अपनी सेवाएं दी है।

सार

  • दुनिया के 24 लाख लोगों पर है चीन की इस कंपनी की नजर
  • कंपनी के पास 10 हजार भारतीयों का निजी डाटा है
  • पीएम मोदी से लेकर सरपंच तक पर नजर

विस्तार

यदि यह खबर आपको पढ़ने के लिए मिल रही है कि चीन आपकी जासूसी कर रहा है तो आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जासूसी और चीन का चोली दामन का साथ है। चीन की कोशिश हमेशा यह जानने की रहती है कि पड़ोसी के आंगन में क्या पक रहा है। चीन की हालत गांव के उस शख्स की तरह है जो जिसका घर गांव की शुरुआत में होता है और गांव में आने-जाने वाले हर शख्स पर उसकी नजर रहती है। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि जो शख्स पूरे गांव पर नजर रखता है उसे पसंद गांव का शायद ही कोई शख्स करता है। चीन की हालत भी आज वही हो गई है। अमेरिका से लेकर भारत तक आज चीन से दूरी बना रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण चीन का रवैया है। 

अब हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसके बाद पूरी दुनिया में तहलका मचा है। खबर है कि चीनी सरकार के पास दुनिया के लाखों लोगों का निजी डाटा है और यह काम एक एजेंसी कर रही है जिसका नाम जेन्हुआ डाटा इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को. लिमिटेड (Zhenhua Data Information Technology Co. Limited) है। जेन्हुआ पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सोनिया गांधी, कई बड़े अधिकारियों के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, जज और कई जाने माने उद्योगपति की जासूसी करने का आरोप है। इस कंपनी के पास करीब 10 हजार भारतीयों का निजी डाटा है। दावा है कि जेन्हुआ के तार चीन की सरकार से जुड़े हैं। 


आगे पढ़ें

प्रधानमंत्री से लेकर सरपंच तक की जासूसी



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*