जानिए…करनाल के कुछपुरा गांव में क्यों ऊपर उठी जमीन: किसान ने 15 फीट राख डलवा बिछवाई मिट्‌टी की 3 फीट मोटी परत, लगा दिया धान: साइंटिस्ट बोले-बारिश के पानी से फूले मिनरल्स देखें VIDEO


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  • Karnal(Haryana): Dainik Bhaskar Investigation After The Video Goes Viral Of Upligting The Soil In Paddy Field

केदार नाथ शर्मा/करनाल5 मिनट पहले

करनाल जिले के कुछपुरा गांव में फूलकर ऊपर उठी मिट्‌टी।

इन दिनों हरियाणा का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें धान के खेत में एकाएक पानी के बीच से मिट्‌टी इस तरह ऊपर उठते दिख रही है, मानो समुद्र में कोई टापू उभर रहा हो। करनाल जिले के गांव कुछपुरा की यह घटना जितनी हैरान कर देने वाली है, उतना ही शांति देने वाला इसका जवाब भी है। पता चला है कि इस खेत में राख की भर्ती की गई थी, जिसमें मौजूद मिनरल्स बारिश में फूल गए। इसी की वजह से मिट्‌टी अचानक ऊपर उठ गई। हालांकि अब यह जमीन काफी हद तक ठीक भी हो गई है।

आसपास के एरिया नीचे दिखाई दे रही पानी सूखने के बाद दोबारा बैठी मिट्‌टी।

जमीन उठने की यह घटना 15 जुलाई को करनाल जिले के गांव कुछपुरा में नफे सिंह के खेत में घटी है। नफे सिंह के भाई शमशेर ने बताया कि नफे सिंह ने अपनी ढाई एकड़ में से एक एकड़ जमीन से कुछ समय पहले मिट्टी उठवाई थी। इसके बाद यहां करीब 15 फीट तक राइस मिल से निकली हुई राख भरवाकर ऊपर कुछ ही महीने पहले मिट्टी की 3 फीट मोटी परत बिछवा दी। इस पर नफे सिंह ने धान लगवा दिया। दो-तीन लगातार हुई भारी बारिश के बाद यहां मिट्‌टी अचानक ऊपर उठ गई और वहां मौजूद कुछ लड़कों ने इसका वीडियो बना लिया।

चौधरी चरण सिंह कृषि अनुसंधान केंद्र कौल के सॉयल साइंटिस्ट डॉ. राजेंद्र कुमार।

चौधरी चरण सिंह कृषि अनुसंधान केंद्र कौल के सॉयल साइंटिस्ट डॉ. राजेंद्र कुमार।

दैनिक भास्कर ने मिट्‌टी ऊपर उठने की वजह जानने के लिए चौधरी चरण सिंह कृषि अनुसंधान केंद्र कौल के सॉयल साइंटिस्ट डॉक्टर राजेंद्र कुमार से बात की। उन्होंने कहा, ‘जो वीडियो आपने दिखाया है। उसमें ऐसा दिखता है कि जमीन के अंदर पानी गया और पानी जाने से जमीन और राख में मौजूद मिनरल्स फूल गए। मिट्टी के कुछ मिनरल्स का ऐसा नेचर होता है, जो पानी जाने से फूल जाते हैं। जैसे ही पानी नीचे चला जाएगा, जमीन खेती लायक हो जाएगी।’

कैमिकल मिक्सिंग से भवन निर्माण में सुरक्षित हो जाती है राख

उधर करनाल के पीडब्ल्यूडी एंड बीआर विभाग के एक्सईएन राजकुमार नैने ने बताया कि थर्मल प्लांट से निकलने वाली राख का प्रयोग सीमेंट उद्योग के अलावा ईंटें बनाने, सड़कों और भवन निर्माण में भी किया जाता है। यहां इस्तेमाल की जाने वाली राख इसलिए नहीं फूलती, क्योंकि इसमें कई दूसरे कैमिकल मिलाकर इसका इस्तेमाल किया जाता है।

PAU के वैज्ञानिक भी कर रहे जांच

लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (PAU) के मिट्‌टी निरीक्षण विभाग के अधिकारी भी इसे लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि वह इसकी जांच करवा रहे हैं कि राख धरती में डालने से ऐसा कैसे हो सकता है।



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