दिल्ली दंगों में झुलसी गोकुलपुरी टायर मार्केट को मिला नया नाम


पंकज रोहिला

दिल्ली दंगों की आंच में झुलसी गोकुलपुरी टायर मार्केट सजकर तैयार हो गई है। पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इस मार्केट में आगजनी की घटना हुई थी और हंगामे के बीच बड़ी संख्या में दुकानें जला दी गई थीं। इस मार्केट का अब नई दुकानों के साथ एक नया नाम भी मिला है। अब इस मार्केट को जमीयत टायर मार्केट क नाम से जाना जाएगा।

इस मार्केट में लगी आग के बाद ही दिल्ली सरकार की तरफ से एक विशेष टीम गठित की गई थी। जो इस पूरे मामले की जांच व अन्य प्रक्रियाओं पर काम कर रही थी। मौलाना हकीमुद्दीन ने बताया कि यहां पर सभी दुकानों की हालत बहुत ही खराब थी। यहां के मॉडल में कोई बदलाव नहीं किया लेकिन सभी दुकानों को नए सिरे से तैयार किया गया है। इसके अतिरिक्त यहां पर बनाए गए इबादतगाह को भी ठीक किया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्य में मार्केट के प्रधान मो. रासिद ने भी मदद की।

काम पूरा होने के बाद इसका नाम बदलने का प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ था। इस सिफारिश के आधार पर सरकारी सर्वेक्षण भी कराया गया और एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों की भी मदद ली गई। इसके बाद लोगों की मांग के मुताबिक मार्केट का नाम बदल दिया गया।
84 दंगों के आधार पर

मुआवजे की सिफारिश
जमात उलेमा-ए-हिंद ने इस मामले में दिल्ली सरकार को सिफारिश भेजी है कि दंगा पीड़ित परिवारों को 1984 में हुए दंगा पीड़ितों की तर्ज पर ही मुआवजा दिया जाए। इस मामले में महमूद अ. मदनी की तरफ से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र भेजा गया है। पत्र में बताया गया है कि इन दंगों में 53 लोगों की जान गई थी और बड़ी संख्या में परिवार बेरोजगार हो गए हैं। इसके बाद से ही कोरोनाकाल की वजह से परिवारों में वित्तीय संकट है। सरकार को कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने केवल फौरी तौर पर शिकायत की है जो इन परिवारों के लिए अपर्याप्त है।

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