देश में 14 सितंबर तक हुआ कोरोना के 5,83,12,273 नमूनों का टेस्ट


भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा कि 14 सितंबर तक कोरोना के 5,83,12,273 नमूनों का टेस्ट किया गया, इनमें से 10,72,845 का कल टेस्ट किया गया। देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में रोजाना तेजी से इजाफा हो रहा है। पिछले कुछ दिनों से 90 हजार से ज्यादा मरीज रोज सामने आ रहे हैं। इस वजह से लोगों को अब जिसका इंतजार है, वह कोरोना वायरस की वैक्सीन है। दुनिया के कई देशों में विभिन्न वैक्सीन्स पर काम चल रहा है। इन सभी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया है कि भारत में वैक्सीन कब तक संभव हो सकती है। डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि अभी वैक्सीन की लॉन्चिंग को लेकर कोई तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन यह अगले साल की पहली तिमाही में आ सकती है। केंद्रीय मंत्री ने यह जानकारी सोशल मीडिया के कार्यक्रम ‘संडे संवाद’ के दौरान दी।

डॉ. हर्षवर्धन का यह बयान तब आया है, जब एक दिन पहले दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कहा है कि ब्रिटिश रेग्युलेटर से हरी झंडी मिलने के बाद इसने कोविड-19 वैक्सीन का मानव परीक्षण एक बार फिर शुरू कर दिया है। एक वॉलंटियर के बीमार पड़ जाने की वजह से इसे बीच में रोकना पड़ा था। इसके बाद भारत में भी इस वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगा दी गई थी।

केंद्रीय मंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया किया सरकार वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल में पूरी तरह से सावधानी बरत रही है। उन्होंने कहा, ‘वैक्सीन सुरक्षा, लागत, इक्विटी, कोल्ड-चेन आवश्यकताएं, उत्पादन, समय सीमा आदि जैसे मुद्दों पर भी गहनता से चर्चा की जा रही है।’ कोरोना वैक्सीन के एक बार तैयार होने के बाद, इसे उन लोगों के लिए सबसे पहले उपलब्ध कराया जाएगा जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।





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