दोबारा अहमद पटेल के घर पहुंची ईडी टीम, पिछली बार हुई थी 8 घंटे लंबी पूछताछ


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Jun 2020 11:49 AM IST

अहमद पटेल के आवास पहुंची ईडी टीम
– फोटो : ANI

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प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम मंगलवार को दोबारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के आवास पर पूछताछ के लिए पहुंची। उनसे संदेसरा बधुओं से जुड़े धनशोधन रोकथाम कानून मामले में पूछताछ की जा रही है। इससे पहले 27 जून को शनिवार के दिन ईडी की एक टीम उनका बयान दर्ज करने के लिए उनके दिल्ली स्थित आवास पहुंची थी।

27 जून को हुई पूछताछ से पहले ईडी ने पटेल को दो बार तलब किया था, लेकिन गुजरात से राज्यसभा के सदस्य पटेल ने वरिष्ठ नागरिकों को घर में ही रहने की सलाह देने वाले कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया। इसके बाद एजेंसी ने उनके अनुरोध पर सहमति जताई और उन्हें सूचित किया कि वह उनसे पूछताछ के लिए एक जांच अधिकारी को भेजेगी।

पिछली बार उनसे करीब 8 घंटे तक पूछताछ हुई थी। घर पर ईडी टीम के पहुंचने के बाद अहमद पटेल ने बयान दिया था, ‘मोदी जी व अमित शाह जी के मेहमान आए थे…वे आए, मुझसे सवाल पूछे और चले गए।’
  
क्या है पूरा मामला
ईडी ने दावा किया है कि संदेसरा भाइयों ने भारतीय बैंकों को नीरव मोदी से कहीं ज्यादा चूना लगाया है। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि जांच में स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड (एसबीएल) /संदेसरा समूह और इसके मुख्य प्रमोटरों, नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा ने भारतीय बैंकों में लगभग 14,500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया। वहीं नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक को 11,400 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है।

यह भी पढ़ें- ‘मोदी जी व अमित शाह जी के मेहमान आए थे’, घर पर ईडी टीम के पहुंचने के बाद पटेल का बयान

विदेशी मुद्रा में कर्ज
जांच अधिकारी का कहना है कि एसबीएल समूह ने भारतीय बैंकों से रुपये के साथ-साथ विदेशी मुद्रा में भी कर्ज लिया था। समूह को आंध्रा बैंक, यूको बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने कर्ज दिया था।

जांच के दौरान पता चला कि कर्ज में मिली राशि का इजाजत से इतर प्रयोग किया गया और कुछ राशि को फर्जी देसी-विदेशी संस्थानों के जरिए इधर से उधर हस्तांतरित किया गया। समूह के प्रमुख प्रमोटरों ने कर्ज की रकम को न केवल नाइजीरिया में अपने तेल के कारोबार में लगाया बल्कि इसका निजी उद्देश्य में भी इस्तेमाल किया गया। 27 जून को ईडी ने एसबीएल /संदेसरा समूह की 9,778 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।

प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम मंगलवार को दोबारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के आवास पर पूछताछ के लिए पहुंची। उनसे संदेसरा बधुओं से जुड़े धनशोधन रोकथाम कानून मामले में पूछताछ की जा रही है। इससे पहले 27 जून को शनिवार के दिन ईडी की एक टीम उनका बयान दर्ज करने के लिए उनके दिल्ली स्थित आवास पहुंची थी।

27 जून को हुई पूछताछ से पहले ईडी ने पटेल को दो बार तलब किया था, लेकिन गुजरात से राज्यसभा के सदस्य पटेल ने वरिष्ठ नागरिकों को घर में ही रहने की सलाह देने वाले कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया। इसके बाद एजेंसी ने उनके अनुरोध पर सहमति जताई और उन्हें सूचित किया कि वह उनसे पूछताछ के लिए एक जांच अधिकारी को भेजेगी।

पिछली बार उनसे करीब 8 घंटे तक पूछताछ हुई थी। घर पर ईडी टीम के पहुंचने के बाद अहमद पटेल ने बयान दिया था, ‘मोदी जी व अमित शाह जी के मेहमान आए थे…वे आए, मुझसे सवाल पूछे और चले गए।’

  
क्या है पूरा मामला
ईडी ने दावा किया है कि संदेसरा भाइयों ने भारतीय बैंकों को नीरव मोदी से कहीं ज्यादा चूना लगाया है। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि जांच में स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड (एसबीएल) /संदेसरा समूह और इसके मुख्य प्रमोटरों, नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा ने भारतीय बैंकों में लगभग 14,500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया। वहीं नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक को 11,400 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है।

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विदेशी मुद्रा में कर्ज
जांच अधिकारी का कहना है कि एसबीएल समूह ने भारतीय बैंकों से रुपये के साथ-साथ विदेशी मुद्रा में भी कर्ज लिया था। समूह को आंध्रा बैंक, यूको बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने कर्ज दिया था।

जांच के दौरान पता चला कि कर्ज में मिली राशि का इजाजत से इतर प्रयोग किया गया और कुछ राशि को फर्जी देसी-विदेशी संस्थानों के जरिए इधर से उधर हस्तांतरित किया गया। समूह के प्रमुख प्रमोटरों ने कर्ज की रकम को न केवल नाइजीरिया में अपने तेल के कारोबार में लगाया बल्कि इसका निजी उद्देश्य में भी इस्तेमाल किया गया। 27 जून को ईडी ने एसबीएल /संदेसरा समूह की 9,778 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।



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