पंजाबः जहरीली शराब से हाहाकार, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 86; पीड़ित परिजन को दो-दो लाख मुआवजे का ऐलान


पंजाब में जहरीली शराब पीकर जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 86 हो गई। शनिवार को यह जानकारी राज्य सरकार ने दी। बताया कि जहरीली शराब त्रासदी मामले में सात आबकारी अधिकारियों, छह पुलिसकर्मियों (दो डीएसपी और चार एसएचओ) को निलंबित किया जा चुका है।

इसी बीच, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया गया है। राज्य सरकार के मुताबिक, जान गंवाने वालों में सबसे अधिक तरणतारण से थे। वहां के 63 लोग जहरीली शराब पीकर मरे, जबकि अमृतसर ग्रामीण में 12 तो गुरदासपुर (बाटला) में 11 मौतें हुईं।

इससे पहले, उपायुक्त कुलवंत सिंह ने शनिवार को पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘तरन तारन में मृतकों की संख्या 42 हो गई है।’’ उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा मौतें जिले के सदर और शहरी इलाकों में हुई हैं।

इस घटना के तहत तरन तारन के अलावा बुधवार रात से अभी तक अमृतसर में 11 और बटाला के गुरदासपुर में नौ लोगों मौत होने की सूचना है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई पीड़ितों के परिजन बयान दर्ज कराने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन पुलिस उन्हें सहयोग करने के लिए प्रेरित कर रही है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘ज्यादातर परिवार सामने नहीं आ रहे हैं और वे कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं। कुछ तो पोस्टमॉर्टम भी नहीं करने दे रहे हैं।’’ इस बीच गुरदासपुर के उपायुक्त मोहम्मद इश्फाक ने कहा कि कुछ परिवारों ने यह मानने से भी इंकार कर दिया है कि उनके परिवार के सदस्य की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है।

उपायुक्त ने बताया, ‘‘कुछ मृतकों के परिजन यह मानने को तैयार नहीं हैं कि परिवार के सदस्य की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। वे कह रहे हैं कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई।’’

तरन तारन के उपायुक्त कुलवंत सिंह ने कहा कि कुछ परिवारों ने तो पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने अभी तक इस मामले में 10 लोग को गिरफ्तार किया है। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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