फरमान: दो बहनों को कौमार्य परीक्षण में फेल बताया, जाट पंचायत ने तलाक का हुक्म सुनाया, एफआईआर दर्ज


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 10 Apr 2021 06:57 PM IST

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महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में जाट पंचायत के मनमाने व अमानवीय फरमान का मामला सामने आया है। पंचायत के हुक्म पर दो बहनों का कथित तौर पर कौमार्य परीक्षण कराया गया। इतना ही नहीं परीक्षण में उन्हें फेल बताकर तलाक का आदेश भी दे दिया गया, लेकिन मामला जब कानून के दायरे में पहुंचा तो पंचायत के सदस्य व पीड़िताओं के पति, सास सब फंस गए। 

पुलिस ने इस मामले में दोनों पीड़ित बहनों के पति, उनकी सास और तथाकथित जाट पंचायत के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में गुरुवार शाम को कोल्हापुर पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार दोनों बहनों द्वारा कराई गई शिकायत के आधार पर भादंवि की विभिन्न धाराओं और महाराष्ट्र सामाजिक बहिष्कार रोधी कानून के तहत आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 

शिकायत के अनुसार दोनों पीड़िता महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कंजरभाट समुदाय की सदस्य हैं। उन्हें उन्हीं के समुदाय के दो पुरूषों ने शादी का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद 27 नवंबर 2020 को शादी हो गई। शादी के बाद दोनों बहनों को अलग-अलग शयन कक्षों में ले जाया गया। वहां उनका समाज की कथित रस्म के अनुसार कौमार्य परीक्षण किया गया। शिकायत में कहा गया है कि इस समुदाय में इस तरह के परीक्षण की परंपरा है। 

पुलिस के अनुसार शिकायत में कहा गया है कि दोनों बहनों से शादी करने वाले पुरूषों में से एक सेना में काम करता है, जबकि दूसरा व्यक्ति निजी संस्थान में नौकरी करता है। 

विस्तार

महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में जाट पंचायत के मनमाने व अमानवीय फरमान का मामला सामने आया है। पंचायत के हुक्म पर दो बहनों का कथित तौर पर कौमार्य परीक्षण कराया गया। इतना ही नहीं परीक्षण में उन्हें फेल बताकर तलाक का आदेश भी दे दिया गया, लेकिन मामला जब कानून के दायरे में पहुंचा तो पंचायत के सदस्य व पीड़िताओं के पति, सास सब फंस गए। 

पुलिस ने इस मामले में दोनों पीड़ित बहनों के पति, उनकी सास और तथाकथित जाट पंचायत के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में गुरुवार शाम को कोल्हापुर पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार दोनों बहनों द्वारा कराई गई शिकायत के आधार पर भादंवि की विभिन्न धाराओं और महाराष्ट्र सामाजिक बहिष्कार रोधी कानून के तहत आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 

शिकायत के अनुसार दोनों पीड़िता महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कंजरभाट समुदाय की सदस्य हैं। उन्हें उन्हीं के समुदाय के दो पुरूषों ने शादी का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद 27 नवंबर 2020 को शादी हो गई। शादी के बाद दोनों बहनों को अलग-अलग शयन कक्षों में ले जाया गया। वहां उनका समाज की कथित रस्म के अनुसार कौमार्य परीक्षण किया गया। शिकायत में कहा गया है कि इस समुदाय में इस तरह के परीक्षण की परंपरा है। 

पुलिस के अनुसार शिकायत में कहा गया है कि दोनों बहनों से शादी करने वाले पुरूषों में से एक सेना में काम करता है, जबकि दूसरा व्यक्ति निजी संस्थान में नौकरी करता है। 



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