भारत ने मोटेरा में लिया था कंगारुओं से बदला, अब विराट सेना की अंग्रेजों को धूल चटाने की बारी


भारत और इंग्लैंड के बीच 4 मैच की सीरीज का तीसरा टेस्ट बुधवार यानी 24 फरवरी 2021 से अहमदाबाद के मोटेरा में सरदार पटेल स्टेडियम में खेला जाना है। यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है। यह स्टेडियम जितना भव्य है उससे कहीं ज्यादा इस मैदान बने रिकॉर्ड रोचक और चौंकाने वाले हैं। यही नहीं, तीसरे टेस्ट मैच में भी यहां कई रिकॉर्ड बनने की संभावना है।

बता दें तीसरा टेस्ट पिंक बॉल (गुलाबी गेंद) से खेला जाएगा यानी यह मुकाबला डे-नाइट (दिन-रात्रि) का होगा। भारत अगर यह मैच जीत जाता है तो वह इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में 2-1 से आगे हो जाएगा। ऐसे में टीम इंडिया सीरीज का आखिरी और चौथा टेस्ट मैच ड्रॉ भी करा लेती है तो वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में पहुंच जाएगी। इसके अलावा इस मैच में रविचंद्रन अश्विन अपने टेस्ट विकेटों की संख्या 400 कर सकते हैं। उनके नाम अभी 76 मैच में 394 विकेट हैं।

इसके अलावा इशांत शर्मा का यह 100 टेस्ट मैच होगा। इशांत इस मैच में उतरते ही 100 टेस्ट खेलने वाले भारत के दूसरे तेज गेंदबाज बन जाएंगे। मोटेरा स्टेडियम ही वह जगह है जहां भारत ने वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया से बदला लिया था। साल 2011 में युवराज सिंह के ऑलराउंड प्रदर्शन की मदद से भारत ने इस मैदान पर वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में लगातार 3 बार वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया को हराया था। ऑस्ट्रेलिया को हराकर उसने 2003 वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार का बदला भी लिया था। कहना गलत नहीं होगा कि जिस तरह युवराज सिंह की मदद से टीम इंडिया ने 2011 में ऑस्ट्रेलिया को मोटेरा स्टेडियम में हरााय था, उसी तरह अब विराट कोहली एंड कंपनी को इंग्लैंड को धूल चटाने की बारी है, तभी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की उसकी राह पक्की हो पाएगी।

आइए जानते हैं कि इस मैदान पर और कौन-कौन से रिकॉर्ड बने

सुनील गावस्कर ने कई बार रचा इतिहास

यह स्टेडियम 1982 में बना था। साल 1983 में इसमें पहली बार टेस्ट मैच खेला गया। महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां पहला बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में 90 रन बनाए थे। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज ज्यॉफ बॉयकॉट के सबसे ज्यादा टेस्ट रन (तत्कालीन) 8,114 रन के रिकॉर्ड को तोड़ा था। हालांकि, गावस्कर उस मैच में डॉन ब्रैड मैन के शतकों का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए थे। इस मैच के बाद से ही गावस्कर को क्रिकेट जगत में सुनील मनोहर रिकॉर्डर गावस्कर के नाम से भी पुकारा जाने लगा था। गावस्कर ने 4 साल बाद इसी मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज के चौथे टेस्ट में 63 रन बनाए और टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने।

कपिल देव ने मोटेरा में ही तोड़ा था सर रिचर्ड हेडली का रिकॉर्ड

भारत ने 1983 में पहली बार वर्ल्ड कप जीता था। वह साल टीम इंडिया के लिए खास था। वर्ल्ड कप जीते के हीरो रहे कप्तान कपिल देव ने 1983 में ही इस स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन किया था। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरी पारी में 83 रन देकर 9 विकेट लिए थे। कपिल देव ने 1994 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में हसन तिलकरत्ने का विकेट लेकर रिचर्ड हेडली के सबसे ज्यादा (तत्कालीन) 431 टेस्ट विकेट का रिकॉर्ड तोड़ा था।

इसी मैदान पर वनडे में 18000 रन बनाने वाले इकलौते क्रिकेटर बने थे सचिन तेंदुलकर

यूं तो सचिन तेंदुलकर के नाम क्रिकेट के ढेरों रिकॉर्ड हैं। ऐसे में उनका नाम इस स्टेडियम से न जुड़े ऐसा संभव नहीं। सचिन ने वनडे क्रिकेट में 18000 रन बनाने की उपलब्धि इसी मैदान पर हासिल की थी। सचिन ने 2011 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 18 हजार वनडे रन का आंकड़ा पार किया था।






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