भारत ने शुक्रवार से अमेरिका, फ्रांस के साथ ‘एयर बबल्‍स’ फ्लाइट्स को दी मंजूरी, जानें क्‍या हैं इसके मायने..


भारत प्रतिबंध खुलने तक एयर बबल्स के जरिए यात्रा शुरू कर सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

खास बातें

  • केंद्रीय उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान
  • एयर बबल्स पर विचार करना चाहिए
  • इंटरनेशनल उड़ानों पर बैन के दौरान विकल्प

भारत ने फ्रांस और अमेरिका के साथ द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं इसके तहत इनमें से प्रत्येक देश की एयरलाइंस को शुक्रवार से शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी. नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा, ‘जर्मनी और ब्रिटेन (UK) के साथ भी ऐसी ही व्यवस्था की जा रही है. मंत्री ने कहा, “जब तक अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन (international civil aviation) कोविड-19 के प्रकोप से पूर्व की अपनी संख्‍या को फिर हासिल करता है, मुझे लगता है कि इसका जवाब Bilateral Air Bubbles में है, जो संभव संख्या में लोगों को ले जाएगा लेकिन परिभाषित परिस्थितियों में भारत सहित कई देशों ने एंट्री पर प्रतिबंध लगा रखा है .” 

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क्या होता है Bilateral Air Bubble?

ट्रैवल बबल या फिर एयर बबल दो देशों के बीच हवाई सेवा के लिए खास तौर पर बनाया गया एयर कॉरिडोर होता है, जिसमें दोनों देशों के बीच समझौते के तहत हवाई यात्रा को मंजूरी दी जाती है. कोविड-19 के चलते लगे प्रतिबंधों को बीच जरूरी शर्तों का ध्यान रखते हुए दो देश आपस में एयर बबल शुरू कर सकते हैं. 

उधर, एक प्रेस मीट में एयर इंडिया के सीएमडी राजीव बंसल ने बताया कि वंदे भारत मिशन के तहत 13 जुलाई तक एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस 1,103 फ्लाइट्स में 2,08,000 भारतीयों को विदेश से वापस लेकर आए हैं. उन्होंने बताया कि इन फ्लाइट्स पर करीब 85,289 यात्रियों को दुनियाभर के कई देशों में पहुंचाया गया.

Video: फ्लाइट का टिकट भेज बुलाए जा रहे श्रमिक



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