मेमोग्राफी: स्तन कैंसर की पहचान बाहरी लक्षण दिखने से पहले भी संभव


महिलाओं में सबसे अधिक स्तन कैंसर होता है। अगर शुरुआती अवस्था में इसकी पहचान हो जाए तो 80% मरीजों को समय पर इलाज मिल सकता है।

महिलाओं में सबसे अधिक स्तन कैंसर होता है। अगर शुरुआती अवस्था में इसकी पहचान हो जाए तो 80% मरीजों को समय पर इलाज मिल सकता है। इसकी पहचान के लिए मेमोग्राफी एकमात्र व कारगर जांच है। बाहरी लक्षण दिखने से पहले ही मेमोग्राफी से कैंसर का पता चल सकता है।
दो प्रकार की मेमोग्राफी
2डी और 3डी मेमोग्राफी होती है। 3डी मेमोग्राफी को ब्रेस्ट टोमोसिन्थिसिस भी कहते हैं। यह 2डी की तुलना में अधिक प्रभावी होता है। यह सीटी स्कैन की तरह अति सूक्ष्म तरह से बीमारी का पता लगाता है। इससे बीमारी की पहचान बहुत ही शुरुआती स्टेज में ही की जा सकती है।
जांच कौन करवाए
40 से 70 वर्ष की उम्र वाली महिलाओं को साल में एक बार यह जांच डॉक्टर की सलाह से करवानी चाहिए। जिनकी फैमिली हिस्ट्री है उन्हें पहले भी जांच कराने की जरूरत पड़ सकती है।
कब करा सकते हैं
माहवारी शुरू होने से 10 दिन तक जांच कराते हैं। गर्भवती को यह जांच नहीं करानी चाहिए। ब्यूटी प्रोडक्ट जांच के समय न लगाएं। इस जांच से ब्रेस्ट कैंसर से होने वाली मृत्य को 50% तक रोक सकते हैं।
डॉ. प्रीति अग्रवाल, रेडियोलॉजिस्ट, जयपुर







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