मोदी को ‘सरेंडर मोदी’ लिखा, पर स्पेलिंग गलत हुई; लोग बोले- बच्चे को हार्वर्ड में पढ़ने भेजेंगे तो वे सरेंडर को सुरेंदर ही लिखेंगे


  • कुछ यूजर्स ने राहुल गांधी को सरेंडर की स्पेलिंग जांचने की सलाह दी तो कुछ ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी तस्वीरें पोस्ट की
  • राहुल पिछले पांच दिनों से भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर सरकार की आलोचना करने वाले ट्वीट कर रहे हैं

दैनिक भास्कर

Jun 21, 2020, 08:04 PM IST

नई दिल्ली. भारत-चीन के तनाव को लेकर सरकार और विपक्ष में शुरू हुई बस थम नहीं रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को लगातार पांचवे दिन सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट किया, ‘‘नरेंद्र मोदी वास्तव में ‘सरेंडर मोदी’ हैं।’’ हालांकि सरेंडर शब्द लिखने में स्पेलिंग गलत हो गई। इसके बाद ट्विटर यूजर्स ने उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। 

एक ट्विटर यूजर ने जिनपिंग के साथ राहुल की तस्वीर पोस्ट कर दी

एक यूजर ने राहुल को सुरेंद्र का मतलब समझाया

राहुल ने शनिवार को भी प्रधानमंत्री मोदी के चीन के आगे सरेंडर करने की बात ट्वीट की थी। राहुल ने ट्वीट किया था कि चीन के हमले के आगे प्रधानमंत्री ने सरेंडर कर दिया। राहुल ने यह भी पूछा कि अगर वह जमीन चीन की थी तो भारत के सैनिकों को शहीद क्यों होना पड़ा?

सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि चीन हमारी सीमा में घुसा
राहुल गांधी ने रविवार शाम एक बार फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि चीन हमारी सीमा में घुसा है। हिंदी में ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा- ना कोई देश में घुसा, ना ही हमारी जमीन पर किसी ने कब्जा किया। सैटेलाइट फोटो साफ दिखाती हैं कि चीन ने पैंगोंग झील के पास भारत माता की पावन धरती पर कब्जा कर लिया है।”

अगर कोई सीमा के अंदर नहीं आया तो 20 जवान कैसे मरे: कपिल सिब्बल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने रविवार को केंद्र सरकार से भारत-चीन विवाद को लेकर सवाल पूछे हैं। सिब्बल ने कहा कि सेना के जनरल और सैटेलाइट इमेज ने चीनी सैनिकों की घुसपैठ की बात कही है, लेकिन सरकार इससे इनकार कर रही है। उन्होंने कहा कि आल पार्टी मीट में पीएम मोदी ने कहा कि कोई हमारी सीमा में नहीं आया। उन्होंने पूछा कि अगर कोई सीमा के अंदर नहीं आया तो 20 जवानों की मौत कैसे हुई। 

19 जून को राहुल ने 3 बातें कहीं

1. गलवान में चीन का हमला सोची-समझी साजिश थी।

2. सरकार गहरी नींद में थी, उसने समस्या को नहीं समझा।

3. शहीद हुए जवानों ने इसकी कीमत चुकाई।

राहुल ने 18 जून को भी सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि हमारे जवान बिना हथियारों के शहीद होने के लिए क्यों भेज दिए गए? इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

राहुल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी सीधे सवाल किए थे। रक्षा मंत्री ने कहा था कि गलवान वैली में हमारे सैनिकों के शहीद होने से दुखी हैं। राहुल ने उनसे पूछा कि आप चीन का नाम क्यों नहीं ले रहे। भारतीय सेना को बेइज्जत क्यों कर रहे हैं? जब सैनिक शहीद हो रहे हैं तो आप रैलियां कर रहे हैं? चीजें छिपाई क्यों जा रही हैं?





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