यूपी में आज से नहीं खुलेंगे स्कूल, कोरोना के बढ़ते मामलों ने फिर लगाया ब्रेक


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

Updated Mon, 21 Sep 2020 12:23 AM IST

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर


कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालय अभी नहीं खोले जाएंगे। दरअसल, केंद्र सरकार ने अनलॉक-4 में 21 सितंबर से विद्यार्थियों को स्कूलों में शिक्षकों से मार्गदर्शन के लिए बुलाने के लिए छूट दी थी, लेकिन बढ़ते कोरोना मामलों के कारण अभी प्रदेश में इस पर रोक लगाई गई है। 

माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने कहा कि स्कूलों में अभी पठन-पाठन शुरू नहीं होगा। विभाग स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाने के संबंध में निर्णय लेगा।

केंद्र सरकार की गाइड लाइन में 21 सितंबर से कंटेनमेंट जोन से बाहर के विद्यार्थियों को स्वेच्छा से शिक्षकों से मार्गदर्शन के लिए बुलाने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके लिए विद्यार्थियों के माता-पिता की लिखित अनुमति लेनी होगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को इसके लिए मानक और प्रक्रिया तय करने के निर्देश दिए गए हैं। 

प्रदेश में अब तक 3 लाख 54 हजार से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं, वहीं प्रदेश में रोजाना साढ़े छह से सात हजार संक्रमित मिल रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई के स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक में डेढ़ करोड़ से अधिक विद्यार्थी हैं। इन विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने की छूट देने से संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। इसलिए फिलहाल अभी बच्चों को नहीं बुलाया जाएगा।

प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालय अभी नहीं खोले जाएंगे। दरअसल, केंद्र सरकार ने अनलॉक-4 में 21 सितंबर से विद्यार्थियों को स्कूलों में शिक्षकों से मार्गदर्शन के लिए बुलाने के लिए छूट दी थी, लेकिन बढ़ते कोरोना मामलों के कारण अभी प्रदेश में इस पर रोक लगाई गई है। 

माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने कहा कि स्कूलों में अभी पठन-पाठन शुरू नहीं होगा। विभाग स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाने के संबंध में निर्णय लेगा।

केंद्र सरकार की गाइड लाइन में 21 सितंबर से कंटेनमेंट जोन से बाहर के विद्यार्थियों को स्वेच्छा से शिक्षकों से मार्गदर्शन के लिए बुलाने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके लिए विद्यार्थियों के माता-पिता की लिखित अनुमति लेनी होगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को इसके लिए मानक और प्रक्रिया तय करने के निर्देश दिए गए हैं। 

प्रदेश में अब तक 3 लाख 54 हजार से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं, वहीं प्रदेश में रोजाना साढ़े छह से सात हजार संक्रमित मिल रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई के स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक में डेढ़ करोड़ से अधिक विद्यार्थी हैं। इन विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने की छूट देने से संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। इसलिए फिलहाल अभी बच्चों को नहीं बुलाया जाएगा।



Source link

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*