वीडी सावरकर ने 6 बार अंग्रेजों को भेजा था माफीनामा, तब जाकर हुए रिहा; जानें क्या रखी गई थी शर्त


विनायक दामोदर सावरकर को 1910 में नासिक कलेक्टर की हत्या के आरोप में लंदन से अरेस्ट कर लिया गया था। बाद में उन्हें भारत लाया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने आठ अप्रैल 2011 को 25-25 साल की दो अलग-अलग सजा सुनाईं।

चार जुलाई, 1911 को सजा काटने के लिए अंडमान की सेल्युलर जेल भेज दिया गया। वह तब 28 साल के थे। अगर सजा काटकर जेल से जीवित लौटते तब, वह 78 साल की उम्र में रिहा होते।

वहां जेल में रहते हुए उन्होंने छह बार अंग्रेजों को माफीनामा भेजा था। नौ साल 10 महीने की काला पानी की सजा काटने के बाद उन्हें रिहा किया गया था।

1921 में अंडमान से पुणे की यरवदा जेल भेज दिया गया था, जहां उन्होंने तीन साल तक सजा काटी थी। जेल रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्हें ब्रिटिश हुकूमत से देश की स्वतंत्रता की लड़ाई छोड़ने की शर्त पर रिहा किया गया था।

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