वैक्सीन की दूसरी डोज से पहले इन बातों का रखें ध्यान


कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में दो तरह की वैक्सीन लगाई जा रही हैं, कोवैक्सीन और कोविशील्ड। दोनों ही वैक्सीन की दूसरी खुराक 28 दिन बाद लगनी है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है

कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में दो तरह की वैक्सीन लगाई जा रही हैं, कोवैक्सीन और कोविशील्ड। दोनों ही वैक्सीन की दूसरी खुराक 28 दिन बाद लगनी है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि वैक्सीन सही काम करें। एंटीबॉडीज शरीर में बनें और कोरोना से बचाव हो सके।
हल्के लक्षण
सामान्य बात है
हर वैक्सीन के बाद हल्के लक्षण 24-48 घंटे के लिए आ सकते हैं। इसमें थकान, घबराहट, वैक्सीन लगने वाली जगह लालिमा, हल्का बुखार और जोड़ों में दर्द हो सकता है। इसके बाद भी दूसरा डोज लगवाएं।
कब न लगवाएं
कुछ लोगों में वैक्सीन से सांस में दिक्कत, बीपी लो होने से बेहोशी आदि हो सकती है। यह एनाफलेटिक रिएक्शन होता हैं। ऐसे में दूसरी डोज न लगवाने की सलाह डॉक्टर देते हैं।
अन्य वैक्सीन लगवाएं
हर वैक्सीन अलग तकनीक से बनती है। इसलिए जिन्हें एनाफलेटिक रिएक्शन हुआ वह दूसरी डोज की जगह दूसरी कंपनी की वैक्सीन डॉक्टरी सलाह से लगवा सकते हैं।
24 घंटे बाद लक्षण बढ़ते
हैं तो डॉक्टर को दिखाएं
वैक्सीन के हल्के लक्षणों के लिए डॉक्टर की सलाह से कुछ दवा ले सकते हैं। लेकिन इसके लक्षण 24-48 घंटे बाद भी कम नहीं हो रहे या बढ़ रहे हैं तो तत्काल अपने डॉक्टर को इसकी सूचना दें।
कंपनी न बदलें
हर वैक्सीन की बनावट, बनाने की तकनीक, उसमें उपयोग रसायन और काम करने का तरीका अलग-अलग होते हैं। इसलिए दूसरा डोज उसी कंपनी का ही लगवाएं। नहीं तो वैक्सीन का असर नहीं होगा। शरीर में एंटीबॉडीज नहीं बनेंगे।







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