Coronavirus पर स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान, संक्रमण के 85 फीसदी मामले और 87 प्रतिशत मौत 8 राज्यों में


मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “यह उल्लेख किया गया कि फिलहाल आठ राज्यों- महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल- से कुल इलाजरत मरीजों में 85.5 प्रतिशत है, जबकि देश में महामारी से होने वाली 87 प्रतिशत मौतें भी इन्हीं राज्यों में दर्ज की गई हैं.” संक्रमित लोगों की संख्या में तेजी से हो रही वृद्धि के बीच हर्षवर्धन ने रेखांकित किया कि देश में कोविड-19 मरीजों के संक्रमण मुक्त होने की दर में भी कुछ सुधार हुआ है और अब वह 58 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि संक्रमण से होने वाली मृत्यु की दर करीब तीन प्रतिशत है.

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 के करीब तीन लाख मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं. बाकि बचे मरीजों में से भी ज्यादातर संक्रमण मुक्त हुए हैं. हमारे यहां मृत्यु दर तीन प्रतिशत के करीब है, जो दुनिया में सबसे कम है.” उन्होंने बताया कि कोविड-19 मरीजों की संख्या दोगुनी होने के समय में भी सुधार हुआ है और अब यह 19 दिन है. भारत में शनिवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 18,552 मामले सामने आने के साथ ही कोरोनावायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़ कर पांच लाख के पार हो गई. देश में इस महामारी से अब तक 15,685 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

मंत्रालय ने कहा कि उसने मंत्रिसमूह को उसकी 17वीं बैठक के दौरान महामारी से ठीक होने वालों की दर और मृत्यु दर के साथ ही संक्रमण के मामलों के दोगुना होने की दर तथा विभिन्न राज्यों में जांच की संख्या बढ़ाए जाने के बारे में भी जानकारी दी. उसने मंत्रिसमूह को बताया कि जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों, महामारी विशेषज्ञों और संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों वाले 15 केंद्रीय दलों को राज्यों की मदद के लिये तैनात किया गया है. मंत्रालय ने बताया कि केंद्र का एक अन्य दल फिलहाल गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना का दौरा कर वहां कोविड-19 प्रबंधन के लिये किये जा रहे प्रयासों को मजबूती दे रहा है.

मंत्रिसमूह को संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने और संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की बारे में जानकारी देने में ‘आईटीआईएचएएस’ और आरोग्य सेतु ऐप की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई. बयान में कहा गया कि उसने मंत्रिसमूह को यह भी बताया कि राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को लगातार उन क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी जा रही है जिन पर ध्यान देना है. इसके अलावा रोकथाम के लिये किये जाने वाले उपायों, निगरानी, जांच क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल, बुजुर्गों और पहले से दूसरी बीमारी से ग्रस्त लोगों पर ध्यान देना तथा तकनीक का इस्तेमाल करते हुए संभावित हॉटस्पॉट को लेकर पहले से कैसे तैयारी करनी है इस बारे में भी मंत्रालय राज्यों के संपर्क में है.

मंत्रालय ने कहा कि राज्यों से मरीजों की निर्बाध भर्ती प्रक्रिया, प्रभावी नैदानिक प्रबंधन से मृत्युदर को कम करना, आधारभूत ढांचे को लेकर तैयारी, और गैर-कोविड स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, सुनिश्चित करने को कहा गया है. आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने जांच की रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी. उन्होंने सिरोलॉजिकल सर्वे और विभिन्न जांचों के माध्यम से रोजाना की जाने वाली जांच की क्षमता बढ़ाने के बारे में भी जानकारी दी. बयान में कहा गया कि बीते 24 घंटों में 2,20,479 नमूनों की जांच की गई और देश में अबतक 79,96,707 नमूनों की जांच की जा चुकी है.

भार्गव ने मंत्रिसमूह को बताया कि भारत में अब कोविड-19 की जांच के लिये 1,026 प्रयोगशालाएं हैं, इनमें 741 सरकारी और 285 निजी क्षेत्र से हैं. मंत्रालय ने कहा कि मंत्रिसमूह को बताया गया कि 27 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक कोविड-संबंधी स्वास्थ्य आधारभूत ढांचों को बढ़ाया गया है और अब 1,039 समर्पित कोविड अस्पताल हैं, जिनमें 1,76,275 पृथक बिस्तर, 22,940 आईसीयू बिस्तर और 77,268 ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर हैं. बयान के मुताबिक इसके अलावा 2,398 समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनमें 1,39,483 पृथक बिस्तर, 11,539 आईसीयू बिस्तर और 51,321 ऑक्सीजन सुविधायुक्त बिस्तर हैं.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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