Covid-19:चीन में साल 2012 में खदानकर्मियों में पाया गया था कोरोनावायरस


कोरोना वायरस महामारी से आज पूरी दुनिया जूझ रही है। मगर माना जा रहा है कि इस बीमारी ने 2012 में ही दस्तक दे दी थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि चीनी खदान में इसकी उत्पत्ति हुई थी, वुहान में नहीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि वायरस का प्रसार वुहान के वेट बाजार से 1,000 मील दूर शुरू हुआ होगा। 

आठ साल पहले दक्षिण पश्चिम चीन के यूनान प्रांत में मोजियांग खदान में निमोनिया जैसी बीमारी से छह खदानकर्मी बीमारी पड़े थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई। खदानकर्मी खदान से चमगादड़ के अपशिष्ट को हटा रहे थे। खदानकर्मियों ने इस काम में दो सप्ताह बिताए थे, जिसके परिणामस्वरूप उनमें से तीन की मौत वायरस के चलते हो गई थी। 

खदानकर्मियों में समान लक्षण थे- 
द सन के मुताबिक, खनिकों का इलाज करने वाले फिजिशियन ली जू बताते हैं कि मरीजों को किस तरह तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश और कुछ मामलों में सिरदर्द हुआ था। वायरोलॉजिस्ट जोनाथन लेथम और आणविक जीवविज्ञानी एलिसन विल्सन के अनुसार ये ऐसे लक्षण हैं जिन्हें अब हम कोविड-19 के साथ जोड़ रहे हैं। 

लेथम और विल्सन दोनों इथाका में गैर-लाभकारी बायोसाइंस संसाधन परियोजना के लिए काम करते हैं। इन्होंने खदानकर्मियों का इलाज करने वाले चीनी चिकित्सक द्वारा लिखित थीसिस को पढ़ा है। उन्होंने कहा कि थीसिस के साक्ष्य ने उन्हें हर चीज पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया है, उन्हें लगा कि वे महामारी के बारे में जानते हैं। लेथम का मानना है कि यह जानलेवा वायरस खनिकों के अंदर विकसित हुआ और मनुष्यों के लिए बेहद अनुकूल था। 

वुहान लैब में आए थे नमूने-
आठ साल पहले रोगियों के नमूना ऊतक वुहान में एक प्रयोगशाला में भेजे गए थे। लोगों का मानना है कि वायरस का रिसाव यहीं से हुआ होगा। हालांकि, दिसंबर 2019 में शुरू हुए कोविड-19 की शुरुआत की वजह अभी भी वुहान में वेट बाजार को माना जा रहा है।





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